परिवर्तन की संभावनाएं दिखी ......... अमृत'वाणी'




कवि अमृत'वाणी'

2 टिप्‍पणियां:

अनुनाद सिंह ने कहा…

अनिवार्य-शिक्षा का अधिकार अवश्यमेव स्वागत योग्य है। इसमें क्रान्ति के बीज छिपे हैं।

Shekhar kumawat ने कहा…

jio bilkul sahi kahna he aap ka is se un gari b bacho ko fayda milega jin tak na koi sarkar pahuchi na hi koi sanstha

shekhar kumawat