मॉरिशस के राष्ट्रपति अनिरूद्ध जगन्नाथ दुर्ग देख अभिभूत हुए

Rajasthan Patrika & News Chittorgarh

चित्तौडगढ । मॉरिशस के राष्ट्रपति अनिरूद्ध जगन्नाथ गुरूवार को चित्तौड दुर्ग की स्थापत्य कला को देखकर अभिभूत हो गए। उन्होंने महलों और मन्दिरों की बेजोड स्थापत्य कला और महाराणा कुंभा की ओर से मालवा व गुजरात विजय के उपलक्ष्य में बनवाए गए विजय स्तम्भ को गौर से देखा और इसकी स्थापत्य कला की सराहना की।

मॉरिशस के राष्ट्रपति ने दुर्ग भ्रमण के दौरान पद्मिनी महल, चतरंग मौर्य तालाब, दुर्ग का दक्षिणी भाग, भीमलत कुण्ड, सूरजपोल, कीर्ति स्तम्भ का भी अवलोकन किया। दुर्ग के गौरवशाली इतिहास, वीर-वीरांगनाओं, त्याग की प्रतिमूर्ति पन्नाधाय और वीरता की घटनाओं की जानकारी पर रोमांचित हो उठे। भ्रमण के दौरान उनके सचिव मेधा गनपथ, परिसहाय एल.पडारथ भी साथ थे।

इससे पूर्व अनिरूद्ध जगन्नाथ का कुम्भा महल परिसर में पालिकाध्यक्ष गीतादेवी, उपाध्यक्ष संदीप शर्मा, आयुक्त दिलीप गुप्ता, पार्षद रामकन्या मालीवाल, पूर्व पार्षद बालमुकन्द मालीवाल व रमेशनाथ योगी ने स्वागत किया और स्मृति चिह्न भेंट किया। जिंक गेस्ट हाउस में हिन्दुस्तान जिंक स्मेल्टर चन्देरिया के लोकेशन हेड पीएसआर मेहता, मजदूर संघ के वरिष्ठ सचिव घनश्यामसिंह राणावत, उप महाप्रबंधक पी.के. चतुर्वेदी, हाइड्रो इकाई के अखिलेश शुक्ला, प्रबंधक एचआर सुधीर पाण्डे तथा सुषमा मेहता ने स्वागत किया।

रही उत्सुकता

मॉरिशस के राष्ट्रपति के काफिले को देखने के लिए कई जगह सडक किनारे लोगों को खडे देखा गया। सेतु मार्ग पर सडक के दोनों ओर खडे लोगों का कार में ही हाथ हिलाकरअभिवादन स्वीकार किया।

भरते रहे 'पेच'

राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर गुरूवार सुबह से ही सफाई कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगा दिया गया। मार्ग में पडने वाले गaों की मरम्मत की गई। गुरूवार दोपहर 12.40 बजे तक पेच भरने का कार्य चलता रहा।

कलक्टर ने भेंट किया एलबम

मॉरिशस के राष्ट्रपति को उनकी चित्तौड यात्रा का फोटो एलबम जिला कलक्टर आरूषि मलिक ने जिंक गेस्ट हाऊस में भेंट किया। इस दौरान कला मंत्र के संजय माथुर ने भी स्मृति चिह्न भेंट किया। प्रशासन की ओर से मौसम को लेकर नौ छाते मंगवाए गए, लेकिन सुबह दस बजे ही मौसम साफ हो गया।



2 टिप्‍पणियां:

P.N. Subramanian ने कहा…

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति. आभार.

माणिक ने कहा…

This was first time I have any President in Chittorgarh who came for FORT. Shameful thing is that people of Chittorgarh do not know the importance of Fort and other people came to see this fort only.