कवि सम्मलेन : जोहर स्मृति संसथान चित्तोडगढ

कवि : अमृत 'वाणी' चंगेरिया (कुमावत )
कविता : मेवाड़ इतिहास (दोहा )
कवि सम्मलेन : जोहर स्मृति संसथान चित्तोडगढ
दिनांक : 29-03-2011



कवि : अमृत 'वाणी' चंगेरिया (कुमावत )
कविता : बांरा बिन्द
कवि सम्मलेन : जोहर स्मृति संसथान चित्तोडगढ
दिनांक : 29-03-2011









राजस्थान दिवस पर सगळे साथियां ने मोकळी बधाइयां .............. जै राजस्थान , जै राजस्थानी !!
अमृत 'वाणी'

2 टिप्‍पणियां:

Shekhar Kumawat ने कहा…

BAHUT KHUB

MEWAR KE ITIHAS KO CHAND LINO ME PURA KIYA

ललित शर्मा ने कहा…

कवि अमृत जी को सुनकर अच्छा लगा।
राजस्थान दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।

जय राजस्थान, जय राजस्थानी,
जय छत्तीसगढ, जय छत्तीसगढी।