क्या ये सच है की ज्यादा ब्लॉग्गिंग करने से ये हाल हो जाता है ??????????



क्या ये सच है की ज्यादा ब्लॉग्गिंग करने से ये हाल हो जाता है ??????????

जब से इस फोटो को देखा है तब से मन मे कुछ न कुछ हो रहा है, जिसे आप सब के साथ बटना चाहता हूँ |
जो भी है मगर अपने ब्लॉग पर ढेर सारी टिप्पणियां देखने का मन किसका नहीं होता है , लोगो की " वाह वाही"
सुनने का दिल किसका नहीं करता , मगर दो साल के ब्लॉग्गिंग से कुछ तो दुनिया दारी का पता चल गया है की ये सब एक सीमा तक ही अच्छा हें |


:- शेखर कुमावत

14 टिप्‍पणियां:

pankaj mishra ने कहा…

टिप्पणी देखने का मन करता है तो लो टिप्पणी। क्या कहने। आपने हर ब्लॉगर के मन की बात कह दी है। बधाई।
http://udbhavna.blogspot.com/

kunwarji's ने कहा…

mast wali baat hai ji...

kunwar ji,

माधव ने कहा…

ha ha ha ha............
interesting

Nishant ने कहा…

जब तक टिप्पणियों का लालच रहेगा, पेट में मरोड़ होती रहेगी.

Udan Tashtari ने कहा…

ये बीमारी भी लाईलाज सी ही है. :)

पलक ने कहा…

कुडि़यों से चिकने आपके गाल लाल हैं सर और भोली आपकी मूरत है http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/06/blog-post.html जूनियर ब्‍लोगर ऐसोसिएशन को बनने से पहले ही सेलीब्रेट करने की खुशी में नीशू तिवारी सर के दाहिने हाथ मिथिलेश दुबे सर को समर्पित कविता का आनंद लीजिए।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

वाह वाह !

Shekhar Kumawat ने कहा…

bahut achha laga aap ka ye hal dekh kar bahut khub

http://kavyawani.blogspot.com/

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

दो साल में अभी कुछ समय बाकी है अपना, इसलिये ....

महाशक्ति ने कहा…

वाह भाई वाह

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

बिलकुल हो जाता है भाई, बचके।
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क्या आप जवान रहना चाहते हैं?
ढ़ाक कहो टेसू कहो या फिर कहो पलाश...

वन्दना ने कहा…

लाइलाज बिमारी लाइलाज इलाज...........क्या किया जाये..........अब तो यही कहेगे...........दिल जलता है तो जलने दे.

अजय कुमार झा ने कहा…

अजी ये हाल ........हमने तो सुना है कि लोग बौरा तक जाते हैं ,पगला जाते हैं....बौखला जाते हैं ...लेकिन ज्यादा ब्लोग्गिंग से नहीं ....कम टिप्पणियों से ....इसलिए खूब ब्लोग्गिंग करिए और खूब टिप्पणियां

पलक ने कहा…

अनूप ले रहे हैं मौज : फुरसत में रहते हैं हर रोज : ति‍तलियां उड़ाते हैं http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/06/blog-post.html सर आप भी एक पकड़ लीजिए नीशू तिवारी की विशेष फरमाइश पर।