एक सवाल आप सब से ???????????

मुझे लगता है ब्लॉग वाणी की तबियत ख़राब है | तो मैने एक सभा रखी है


यही पर रखी है आप को कही नहीं जाना है बस आप अपनी राय टिप्पणी के जरियें दे सकते है | और हमें ये भी बताएं की अब क्या किया जाये , चिट्ठाजगत , रफ़्तार , इडली , से ही काम चलायें या और कोई जुगाड़ है आप के पास !????????????

शुक्रिया

शेखर कुमावत

28 टिप्‍पणियां:

Shekhar Kumawat ने कहा…

Aap apni rai dekar hamara marg darshan kare

हमारीवाणी.कॉम ने कहा…

हमारीवाणी है ना!




क्या आपने हमारीवाणी.कॉम की सदस्यता ली?

<a href="http://hamarivani.com:>हमारीवाणी.कॉम</a>

Shekhar Kumawat ने कहा…

aap ka idea achha ha fir bhi uski bat kuch alag hai

शिवम् मिश्रा ने कहा…

खोज जारी है !!

वन्दना ने कहा…

जब तक ब्लोगवानी नही आती दोबारा तभी तक काम चला रहे हैं मगर आज भी ब्लोगवानी का ही इंतज़ार है बारिश की तरह्।

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

ब्लॉगवाणी का एक ही उसूल है कि आप उसके मालिक को तेल लगाइये तो आप वहाँ हैं वरना आप नहीं होंगे। हमारे जमाने पुराने "हिंदी सामुदायिक पत्रा भड़ास का कोई नाम निशान नहीं है। आशा है कि आप समझे होंगे।

Shekhar Kumawat ने कहा…

मेरी राय तो यही है की एक बार ब्लॉग वाणी खुल कर सामने आये और हिंदी जगत के उन तमाम चिट्ठाकार को बताये की क्या खता है जिस कारन हमें ये सजा मिली है

--
शेखर कुमावत
http://www.amritwani.com/
http://kavyawani.blogspot.com/

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

आप सब लोग खाँमखां ही उन बनियों को इतना भाव दे रहे हैं जबकि आप मुफ़्त में फ़ीड क्लस्टर इस्तेमाल करके अपने अपने एग्रीगेटर बना सकते हैं जैसे आपने हमारीवाणी और हमने भड़ासवाणी बना लिया है। भाड़ में जाने दीजिये उन्हें।

Shekhar Kumawat ने कहा…

डा.रूपेश श्रीवास्तव
ji ham aap ki bat se sahmat hai magart kya kare purani aadat pad gai hai

ab aadat hai dhire dhire hi sudhar hoga

दिनेशराय द्विवेदी ने कहा…

मुझे लगता है चिट्ठाजगत एक ब्लागर की सारी जरूरतें पूरी करता है। सिर्फ उस का रंगरूप बदलने की आवश्यकता है। जिस के लिए उन से कहा जा सकता है।

Shekhar Kumawat ने कहा…

दिनेशराय द्विवेदी जी
आप का कहना सही है चिट्टाजगत सारी जरीरत पूरी करता है मगर वह मोलिक और क्वालिटी वाली चीज़े देखने को काम मिलती है वो एक अस्सा ऐसा सागर है जहा हर चीज़ मिलती है मगर ब्लोग्वानी वो तालाब है जहा कुछ अच्छा पड़ने को मिलता है

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

इधर-उधर की ताक-झाँक बन्द कर सारा ध्यान नियम से पोस्ट लिखने में लगाएँ!

माधव ने कहा…

i am missing Blogvani

Mired Mirage ने कहा…

ब्लॉगवाणी की आदत पड़ गई है। स्वाभाविक है कि कुछ को यह बहुत पसन्द थी तो कुछ को नापसन्द थी। आशा है कि यह लौट आएगी।
घुघूती बासूती

रज़िया "राज़" ने कहा…

हमे तो ब्लोग्वाणी ही चाहिये। और ये हमारी ज़ीद है।

शारदा अरोरा ने कहा…

ब्लौगवाणी बंद होने के कारण पता लगाने पड़ेंगे ..तकनीकी हैं या एडमिन्सत्रेटिव हैं या फिर फायनेंशिअल खामियाँ ? ब्लोग्वानी की कमी महसूस हो रही है ..अब या तो ब्लोग्वाणी ही अपने अधिकार किसी और को दे दे वर्ना चिटठा-जगत वगैरह भी कम नहीं है ...धीरे-धीरे हम लोग इनके आदी हो जायेंगे ( अभी तो भूला नहीं जा रहा ), ये भी ध्यान रखना होगा कि उन्ही कारणों से ये साइट्स भी न प्रभावित हों ।

manu ने कहा…

हमें तो ब्लॉग वाणी के बारे में कभी कुछ नहीं मालूम था...
इसलिए हमें उसके होने ना होने से रत्ती भर फर्क नहीं पड़ता......
अब और भी बढ़िया नींद आती है...

manu ने कहा…

:)

Udan Tashtari ने कहा…

निश्चित तौर पर ब्लॉगवाणी का उपयोग एक लम्बे समय से एक बड़े वर्ग द्वारा किया जा रहा है तो आदत में आ जाना स्वाभाविक है, ऐसे में उसका रुक जाना पीड़ादायक है. चिट्ठाजगत और ब्लॉगवाणी, दोनों ही आदत में शुमार हैं.

इन्तजार है पूर्ववत स्थितियाँ जल्द स्थापित हों.

ब्लॉगवाणी की वापसी के लिए शुभकामनाएँ.

सुनील दत्त ने कहा…

बलागवाणी का इन्तजार रहेगा अगर उससे बढ़िया कुछ और बने तो ही सोचा जा रकता है।
हमारीबाणी की तरज पर हमने भारतवाणी सुरू की है बैसे आप भी शुरू कर सकते हैं।
वहां एक आपसन हैं creat your aggregator.
पर ये सब बलागवाणी की कमी 1% भी पूरी नहीं करता।
आओ तब तक बलागवाणी के संचालकों के लिए शुभकामनायें भेजे जल्दी वलागवाणी को पटरी पर लाने के लिेए।

महफूज़ अली ने कहा…

जब तक ब्लोगवानी नही आती दोबारा तभी तक काम चला रहे हैं मगर आज भी ब्लोगवानी का ही इंतज़ार है बारिश की तरह्।

रचना ने कहा…

शुक्रिया मैथिली जी एंड सिरिल

विशाल कश्यप ने कहा…

आपका कहना बिलकुल सही है,
मगर एक लम्बे समय से हम ब्लॉगवाणी का सदुपयोग कर रहे हैं.
मगर, बदलाव तो दिखता है हर ब्लॉग के पोस्ट में.....
इसीलिए इंतजार तो है ही....
धन्यवाद

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

चित्‍तौडगढ़ वाले सभी धुरंधर ब्‍लॉगरों को नमस्‍कार.

सलीम ख़ान ने कहा…

RUPESH JEE SE SAHMAT

shekhar kumawat ने कहा…

blog vani ka na hona apne sabse achhe dost ka na hona hai

assa lagta hai jese koi khas hamse rut gaya


aap sab ki tarha meri bhi ek bar shubh kamna ablog wani walo ko ki wo ham sab ki fariyad sune

sushil Gangwar ने कहा…

हेल्लो
मेरे सभी पत्रकार - लेखक दोस्तों , आप अपनी रचना प्रचार करना चाहते है तो हमारा हिंदी -अंग्रेजी ब्लॉग लेखकों का एग्रिगेटर www.tahelka.co.in आ गया है । ब्लॉग वाणी के बंद होने पर सभी परेशान थे आखिर कैसे अपने ब्लॉग को जन जन तक पहुचाये । आप सभी जानते है लिखना आसान है परन्तु इसका सही रूप से प्रचार और प्रसार हो तो लेखक की कलम में जान आ जाती है । मै सभी ब्लॉग लेखको से गुजारिश करुगा आप सभी मिलकर अपने ब्लॉग को नया रूप रंग दे ।
Sushil Gangwar
http://www.tahelka.co.in/
http://www.sakshatkar.com/

अपनीवाणी ने कहा…

अब आपके बीच आ चूका है ब्लॉग जगत का नया अवतार www.apnivani.com
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