🌄 24 अगस्त 2025
1. तेनजिंग रॉक – रोमांच की शुरुआत
सुबह की शुरुआत तेनजिंग रॉक से हुई। यहाँ मैंने चढ़ाई का अनुभव लिया। ऊँचे-ऊँचे पत्थरों पर चढ़ते हुए रोमांच और उत्साह का अलग ही एहसास था।
2. हरे-भरे टी गार्डन – चाय की वादियों का जादू
अगला पड़ाव था दार्जिलिंग के प्रसिद्ध टी गार्डन। यहाँ की हरियाली, फैली हुई वादियाँ और चाय की पत्तियों की खुशबू मन को ताज़गी से भर देती है।
3. सेन्ट जोसेफ स्कूल स्कूल – सुंदरता और सादगी
रास्ते में मैंने एक बेहद खूबसूरत स्कूल देखा – सेंट जोश स्कूल। इसकी साफ-सुथरी और शांत वातावरण वाली इमारत ने ध्यान खींचा। यहाँ मैंने कुछ तस्वीरें भी खिंचवाईं। क्यूँ की यहाँ पर इन filem फिल्म की शूटिंग हुई
फिल्म का नाम | St. Joseph’s School (Darjeeling) में शूट हुई? | |||
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Yaariyan (2014) | ,
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दार्जिलिंग की गलियों में गर्मागरम मकई का भुट्टा खाकर स्थानीय स्वाद का आनंद लिया। पहाड़ी मौसम और भुट्टे का स्वाद वाकई लाजवाब रहा।
5. पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क
सिर्फ ₹110 की टिकट में यहाँ प्रवेश मिला। पार्क में हिरण, बारहसिंगा, भालू, शेर और कई दुर्लभ जानवर देखने को मिले। बारिश की फुहारों के बीच इन जानवरों को देखना अद्भुत अनुभव था।
6. हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट
यहीं स्थित माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट भी देखा। विज़िटर बुक में अपने अनुभव दर्ज करना और वहाँ की ऐतिहासिक झलक पाना एक खास पल था।
7. सेल्फी पॉइंट और मॉल रोड की चहल-पहल
पार्क से बाहर निकलते ही एक बोर्ड मिला जिस पर लिखा था – “Thanks for Visit, Let’s have a Selfie”। वहाँ चिंपांज़ी की तस्वीर के साथ मैंने फोटो खिंचवाया।
इसके बाद मैं पहुँचा मॉल रोड – जहाँ एक बकरी के पास मज़ेदार सेल्फी खींची, दो भिक्षुओं से बातें करते हुए तस्वीर ली और खूबसूरत फाउंटेन के पास समय बिताया। यहीं बिस्कुट खाए और चाय की चुस्कियाँ लीं।
8. जापानी पीस पगोडा और मंदिर
शांति और सुकून का अनुभव मिला जापानी पीस पगोडा और मंदिर में। इसकी भव्यता और शांत वातावरण ने मन को गहराई से छुआ।
9. दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन – टॉय ट्रेन का जादू
फिर मैं पहुँचा दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन। यहाँ टॉय ट्रेन के स्टीम इंजन और डीज़ल इंजन दोनों को करीब से देखा और समझा कि कैसे नैरो गेज पर यह चलती है। थोड़ी दूरी तक सफर भी किया – धुआँ छोड़ते इंजन और पहाड़ी रास्तों पर ट्रेन का सफर रोमांच से भरपूर था।
10. टिंचुली गाँव और बारिश का रोमांच
शाम होते-होते मैं पहुँचा टिंचुली गाँव। यहाँ जोरदार बारिश हो रही थी। मैंने पहाड़ों, ढलानों और बादलों के मनमोहक नज़ारों की तस्वीरें खींचीं।
रास्ते में सड़क किनारे एक रेस्टोरेंट में रुककर वहाँ के प्रसिद्ध मोमोज और चाऊमीन का स्वाद लिया। बारिश और पहाड़ी मौसम में यह स्वाद और भी खास हो गया।
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✨ निष्कर्ष
दार्जिलिंग का यह दिन प्रकृति, संस्कृति और रोमांच से भरा हुआ रहा। टॉय ट्रेन की सैर, झरनों का आनंद, चाय की वादियाँ, स्थानीय स्वाद और शांत मंदिर – सबने मिलकर इस यात्रा को यादगार बना दिया। 🚂🍃
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