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फायर इंजीनियरिंग पुस्तक का विमोचन


 आयुष इंस्टीट्युट आफ़ फायर एंड सेफ्टी प्रतापनगर में फायर इंजीनियरिंग पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ |
आयुष इंस्टीट्युट के डायरेक्टर ब्रजराज सिंह   ने बताया की इंजीनियरिंग   पुस्तक को पहली बार हिंदी माध्यम में छापा गया है इस के लेखक रवि राज सिंह राठोड एवम चंद्रशेखर चंगेरिया है , पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद्  फायर विभाग के मुख्य अधिकारी मोती लाल माली , मुख्य अतिथि लक्ष्मी लाल चंगेरिया , वरिष्ट अतिथि , शंकर लाल जी मेनारिया , देवयानी प्ण्ज्ण्प्ण् के बहादुर सिंह भाटी , दिल्ली मेट्रो के फायर व सेफ्टी आफिसर दीपक त्रिवेदी , अम्बा लाल जी मेनारिया , विपिन पुरोहित राजवीर सिंह , चेतन चंगेरिया , शक्ति सिंह , विक्रम , पुष्पेन्द्र , आदि गणमान्य  अतिथि उपस्थित थे, कार्यक्रम का संचालन कवि अमृत वाणी के द्वारा किया गया, अभिषेख मेनारिया ने सभी अतिथि  का आभार प्रकट किया ।


C CAD Solution का उदघाटन


 चित्तौड़गढ़ .नगर के पन्नाधाय सेतुमार्ग पर बने विशाल कोम्प्लेक्श में छ: अक्तूबर को दोपहर बारह बजे सी. केड सोल्यूशन का उदघाटन हुआ.नगर के इस तकनिकी प्रतिष्ठान के इस आगाज़ पर मुख्य अथिति मेवाड़ एज्युकेशन सोसाइटी के सचिव गोविन्द गदिया,विशिष्ट अथिति कालूलाल कुमावत सहित अन्य गणमान्य लोगों में सेवानिवृत उप शिक्षा निदेशक डॉ. श्याम सिंह मंडलिया,उद्योगपति कैलाश तोषनीवाल,कवि अमृत 'वाणी',संस्कृतिकर्मी माणिक,भरत जागेटिया,गोपाल पुरोहित,उमेश अजमेरा सहित कई लोग मौजूद थे.इस अवसर पर चन्द्र शेखर चंगेरिया द्वारा रचित ऑटो केड से जुड़ी एक पुस्तक का विमोचन भी किया 
 
गया.सांवलिया क्रीएशन सोसाइटी और श्री सांवलिया शिक्षा शोध एवं युवा उत्थान संस्थान के इस संयुक्त उपक्रम की इससे पूर्व ही दो अन्य शाखाएं उदयपुर और भीलवाड़ा में संचालित की जा रही है.संस्थान के निदेशक चन्द्रशेखर चंगेरिया और अध्यक्ष पी.एस.चंद्रावत ने संयुक्त बयान में बताया कि ये संस्थान युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के इंजिनीयरिंग क्षेत्र में आर्कीटेक्चर,सिविल,मेकेनिकल,इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक्स के क्षेत्र में ऑटो केड के ज़रिए शिक्षा के कई अवसर मिल सकेंगे |



Blogger's की खास मीटिंग @ Chittorgarh

नमस्कार दोस्तों ,
इस बार मे लाया हूँ इंदुपुरी जी की बेटी की शादी मे हुई एक खास और न भुलाये जाने वाली उस मुलाकात के वो शानदार पल आप सब के लिए जो मुझे आज तक की ब्लॉग्गिंग से मिले , शुक्रिया करना चाहूँगा मे इंदु पूरी जी का जिन्होंने मुझे ललित जी और पदम् जी से मिलवाया जाते वक़्त थोड़ी हिचकिचाहट हो रही थी मगर जब मे वहा इंदु जी से मिला और उन्होंने पदम् जी और ललित जी मिलवाया तो मानो ऐसा लगा जेसे सालो पुराने बिछड़े हुवे यारो से गले लगे हो |
आगे का हल आप खुद उन फोटो मे देख लीजिये |






















































































































दोस्तों से मिलने की ख़ुशी इतनी हुई की पता ही नहीं चला की वक़्त केसे गुजर गया चित्तोडगढ मे ये पहली Blogger's मीटिंग थी जो एक शानदार श्याम के साथ नव विवाहित जोड़े के आशिर्वाद के साथ ख़त्म हुई

मगर हा जो भी हुवा मजा आ गया |

शेखर कुमावत

श्री सांवलिया जी तक की हमारी पैदल यात्रा

साथियों इस बार मै आप के लिए लाया हूँ चित्तोडगढ से श्री सांवलिया जी ( मण्डफिया ) तक 40 KM की हमारी पैदल यात्रा वृतांत जिसका मेरा अपना अनुभव बड़ा ही रोचक रहा |
मै अपनी इस यात्रा को आप सब के साथ बाटना चाहता हूँ हम अपने घर से शाम को ठीक 8:00 PM को रवाना हुई और पूरे तेरह घंटो तक की इस शानदार यात्रा मे मेरे साथ मेरे तीनो भाई चेतन , राहुल , और धनेश ,साथ ही हमारे मित्र अनिल का साथ तो मिला ही साथ मे पिताजी और उनके घनिष्ट मित्र गोपाल जी के इस सहयोग से हमारी ये यात्रा सफलता पूर्वक हमने पूरी की मगर हाँ अपनी इच्छा शक्ति से इन्सान क्या नहीं कर सकता है हमें रास्ते मे ऐसे भी लोग मिले है जो अपने निवास से कई किलोमीटर की यात्रा कई - कई दिनों तक पैदल चलते हुवे पूरी कर रहे थे , उस परम पिता परमात्मा की कोई तो शक्ति है जो उन्हें अनवरत चलने की शक्ति प्रदान करती है |
अब आप भी लीजिये हमारी उस यात्रा का आनंद |




रास्ते मे मिले एक ट्रक वाले की सहायता






रास्ते में चल रहे लंगर पर भोजन करते हुए




बाद मे सेवा करते हुए
राधे - राधे की धुन पर नाचते हुए








आगे की यात्रा पर विचार विमर्श करते



पापा के साथ बेखोफ चलता हुवा








30 km चलने के बाद आराम करतेहुए
यहाँ तो ये हाल है मुझे पता ही नहीं कि मै कहा पर सो गया
रास्ते मे हैंडपंप से प्यास बुझाते




2.5 कि.मी. दूर मन्दिर मे आराम करते हुए



सारी रात अपनी टोर्च की लाइट से हमें रास्ता दिखाने के बाद अब इन्हें आदत सी पड़ गई|


गाँव का माहोल वाक़य बेहद खूब सूरत होता है ये मैने अब जाकर अनुभव किया जब 5:00 AM पर पक्षियों के समूह गान ने भोर का स्वागत किया |

श्री सांवलिया जी के मंदिर की एक झलक पाते ही मन को वो उत्साह मिला जेसे सारी थकान उतर गई हो








और हम से पहले हजारो लोगो की इस भीड़ ने हमारा उत्साह और बढाया और सारी थकान उतार दी

कृष्ण धाम सांवलिया की कूछ शानदार तस्वीरे



अब बारी है दर्शन के लिए लाइन मे लगने की


जबरदस्त सुरक्षा इंतजाम के साथ बेहतरीन व्यवस्था


















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कवि अमृत वाणी द्वारा दर्शनार्थियों को स्वरचित पुस्तक सांवरा सेठ चालीसा भेट करते हुवे











और हम चल पड़े अब अपने घर की और !
:- शेखर कुमावत